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BILASPUR: 1 जुलाई 2016 को एक लेडी कांस्टेबल ने आईजी पवनदेव पर गंभीर आरोप लगाए थे। जिसमें उसने फोन पर अश्लील बातचीत करने और रात में बंगले पर बुलाने के लिए दबाव डालने की थाने में लिखित में शिकायत की थी।

 इसकी जांच के लिए हेडक्वार्टर लेवल पर कमेटी बनाई गई थी। सोशल मीडिया पर आईजी को क्लीन चिट मिलने की खबर चल रही है। जिसे विक्टिम की वकील ने गलत बताया है।
 रायपुर के मुंगेली जिले में पोस्टेड एक लेडी कांस्टेबल ने बिलासपुर रेंज के IG पवन देव पर रात को अकेले में घर बुलाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। लेडी कांस्टेबल का आरोप है कि आईजी पवन देव उसे रात को फोन कर परेशान करते हैं, उसे अपने बंगले में बुलाते हैं।
परेशान होकर उसने बिलासपुर के चकरभाटा थाने में शिकायत की। उसके बाद एसपी मुंगेली को भी सारी बात बताई।
पीड़िता ने कहा कि कहीं से इंसाफ न मिलते देख वह DGP और पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण की शरण में गई। विक्टिम ने IG से हुई बातचीत की कथित ऑडियो क्लिप भी मीडिया के सामने पेश किया।
आईजी पवन देव ने लेडी काॅन्सटेबल के आरोपों को खारिज करते हुए इसे अपने खिलाफ साजिश बताया था। आईजी पवन देव को जांच कमेटी से क्लीन चिट देने की सोशल मीडिया पर चल रही खबर को लेडी कांस्टेबल के वकील ने गलत बताया।
वाट्सएप पर भेजा रिपोर्ट का हिस्सा
शुक्रवार को लेडी कांस्टेबल की वकील निरुपमा बाजपेयी ने डिस्ट्रिक्ट कोर्ट कैंपस में मीडिया के सामने इसका खंडन किया। कहा कि आईजी को क्लीन चिट देने की खबर पूरी तरह झूठी है। 2 दिसंबर को जारी हुई रिपोर्ट की काॅपी गुरुवार को लेडी कांस्टेबल को मिली है और इसमें आखिर में कमेटी ने शिकायतकर्ता की आरोप को पूरी तरह सत्य पाया जाना लिखा है।
कमेटी ने जांच में सबकुछ देखकर एेसा माना है। आगे की कार्रवाई अब राज्य सरकार को करनी है। वे सरकार से रिपोर्ट के आधार पर आईजी को सजा देने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि यह जल्दी होना तो मुमकिन नहीं है, लेकिन अगर ऐसा हुआ तो वे मामले को कोर्ट में ले जाएंगे।
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